jyotish and Son-father

पिता पुत्र में रहती है अनबन तो कारगर है ये उपाय

आज में वक़्त में ऐसा कोई घर नहीं जहाँ कोई झगड़ा नहीं होता हो, किन्तु अगर झगड़ा गंभीर होने लगे तो उसका उपाय कर लेना बेहतर होता है। अगर समय पर झगडे न रोके जाये तो रिश्तों की मधुरता कम होने लगती है। अगर हम बात करे पिता पुत्र के रिश्ते की तो पिता और पुत्र का रिश्ता विचारों की डोर से बंधा होता है। अगर उनके आपसी विचार सामान नहीं होते तो उनके रिश्ते में धीरे धीरे कटुता आने लगती है। अंततः ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है की रिश्ता टूटने की कगार पर होता है। हालाँकि यह विचारों के मतभेद की कहानी लगभग हर परिवार की एक सामान होती है। किन्तु अगर ये उग्र होता जाये तो परिवार में कलह का कारण बनता है। ऐसे में घर में अशांति का वातावरण छा जाता है। ज्योतिषी के अनुसार सूर्य पिता का तथा गुरु पुत्र का करक होता है। जब कुंडली में ये दोनों गृह नीच राशि में या पापी गृह में एक साथ उपस्थित होते है तो निश्चित रूप से पिता पुत्र के मध्य विरोधः का कारण बनता है। घर […]